चिराग तले अंधेरा


न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के बस स्टॉप के पास लगे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इस बोर्ड पर लिखा है “यह भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग परिवहन की है।इस पर किसी प्रकार का अतिक्रण या मलवा इत्यादि फेंकना दंण्डनीय अपराध है।” पर ये बोर्ड खुद चारों तरफ से मलबे से घिरा हुआ है साथ ही इसके बगल में दो तीन कच्चे घर भी बने हुए है जो कि अतिक्रमण है।इसे कहते है “चिराग तले अंधेरा”…..

ये कैसी सफाई


बरसात से पहले नालों की सफाई करने का एमसीडी का काम ज़ोरों पर है पर सङकों की सफाई का क्या...?ये गंदगी नालों से नकालकर सङको पर डाल दी जाती है जो कई-कई दिनों तक सङकों पर यूँ ही पङी रहती है और अगर इस बीच बारिश हो गई तो बहकर फिर नालों में चली जाती है।समझ नहीं आता इस गंदगी को नालों से निकलवाते ही उठाके क्यूँ नहीं ले जाया जाता…

दो कंधे...

दो नाज़ुक मासूम कंधे
बोझ उठाये फिरते है...
किसी की उम्मीदें
किसी के सपने
पूरा करते वो कंधे...

वो झुकते है
वो थकते है...
ज़िम्मेदारियों के बोझ तले दबे कंधे...

बनते है किसी का सहारा
किसी का दिलासा वो कंधे...

सूरज से तपते कभी
बारिश से भीगते कंधे
दर्द सहते
टूटते जुङते...

दो नाज़ुक मासूम कंधे....